आज है एक नया एहसास
कुछ अनकहे अनसुने से ख़्वाब
इतराती हुई सुबह के साथ
मेरे मन ने किया एक आग़ाज़
तुम्हारे लिए मंज़िलें चुनें
तुम्हारे साथ ख़्वाब बुनें
इस सुहाने सफ़र में साथ चलें
अपने लिए ही सारे रास्ते सजें
जानम हम हर भावना यूँ जगाएँ
आशाओं के तराने सजाएँ
सुख-दुख के फ़साने सुनाएँ
ज़िंदगी तेरे साथ ख़ूबसूरत बनाएँ
हमसफ़र मेरे, मेरा जीना तुमसे है
मेरी साँसों का चलना तुमसे है
मेरे होठों पे मुस्कान तुमसे है
मेरा सारा जहाँ तुमसे है
तुम्हारे साथ ही एक तमन्ना
तुम्हारे प्यार ही एक कामना
तुम्हारे लिए ही जीना मरना
और इस जीवन में क्या करना?